गाजा | गाजा में जारी भीषण संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। इजरायल के लगातार हमलों और दबाव के बीच हमास ने आखिरकार पीछे हटते हुए 60 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत हमास आधे बंधकों को रिहा करेगा, बदले में इजरायल को अपनी जेलों में बंद कुछ फिलीस्तीनियों को छोड़ना होगा।
इजरायली मीडिया ने की पुष्टि
इजरायली मीडिया ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की है, हालांकि इजरायल सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव की जानकारी सिर्फ मीडिया के जरिए मिली है और यह साफ है कि हमास भारी दबाव में है। सूत्रों के अनुसार, यह पहल अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ की सुझाई योजना पर आधारित है, जिसे इजरायल पहले ही मंजूरी दे चुका है। काहिरा में हुई मध्यस्थता बैठकों में हमास प्रतिनिधियों के साथ कतर के प्रधानमंत्री अब्दुलरहमान अल थानी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी भी शामिल रहे।
पलायन जारी, लोग छोड़ रहे अपने घर
इजरायल की ओर से संभावित बड़े जमीनी हमले की आशंका से गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों में दहशत फैल गई है। हजारों लोग अपने घर छोड़कर पश्चिम और दक्षिण की ओर पलायन कर रहे हैं। बेत लाहिया के आश्रय प्रबंधक अहमद महेसेन ने बताया कि केवल पिछले कुछ दिनों में ही करीब 995 परिवार दक्षिण की ओर चले गए हैं।
मौतों का सिलसिला थमा नहीं
फिलीस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ताजा इजरायली हमलों में 60 लोगों की मौत हुई है। अब तक करीब 22 महीने से जारी इस जंग में 62 हजार से ज्यादा फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं। सोमवार को राहत पाने की कोशिश में 7 लोग ढेर हो गए, जबकि भूख और कुपोषण से पिछले 24 घंटों में 5 और मौतें दर्ज की गईं। 7 अक्टूबर 2023 से अब तक भूख से मरने वालों की संख्या 263 हो चुकी है, जिनमें 112 बच्चे शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया-इजरायल संबंधों में खटास
इसी बीच, इजरायल ने फिलीस्तीनी प्राधिकरण में तैनात ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। यह कदम उस समय उठाया गया जब ऑस्ट्रेलिया ने फिलीस्तीनी राज्य को मान्यता देने का ऐलान किया और एक इजरायली सांसद का वीजा रद्द कर दिया था।