Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पांचवें दिन पशुओं की अवैध ढुलाई और उनके साथ हो रही क्रूरता का मुद्दा सदन में गूंजा। सुंदरनगर से भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए इस विषय को उठाया और सरकार से कानून को और सख्त बनाने व उसमें संशोधन करने की मांग की।
जमवाल ने कहा कि प्रदेश में लगातार पशु तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने 19 अगस्त की रात का उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 10 बजे स्थानीय लोगों ने एक डाक वाहन में 25 मवेशियों को अवैध रूप से ले जाते हुए पकड़ा। बताया गया कि ये मवेशी नाचन क्षेत्र से लाए गए थे और अवैध तरीके से सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) पहुंचाए जा रहे थे।
गोवंश को बेसहारा न छोड़ा जाए, पशु बेचने वालों पर भी हो कार्रवाई
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई अधूरी रही। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तारी तो की, लेकिन बाद में आरोपी को छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, जिन व्यक्तियों से मवेशी लिए गए थे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और पशुओं को उन्हीं को वापस सौंप दिया गया।उन्होंने सदन में जोर देकर कहा कि केवल ढुलाई करने वालों पर नहीं, बल्कि पशु बेचने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, प्रदेश में आवारा छोड़े जा रहे गोवंश की समस्या को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए जाएं।जमवाल ने सरकार से मांग की कि पशु तस्करी और पशुओं के साथ हो रही क्रूरता पर रोक लगाने के लिए कानून में संशोधन कर इसे और मजबूत बनाया जाए।