नई दिल्ली | व्हाइट हाउस के व्यापार मामलों के सलाहकार पीटर नवारो ने भारत की रूसी तेल खरीद और व्यापार नीतियों को लेकर कड़ा हमला बोला है। नवारो ने कहा कि भारत शुल्क मामलों में “महाराज” है और रियायती रूसी कच्चे तेल का उपयोग कर मुनाफाखोरी कर रहा है।
नवारो की यह टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि भारत ने अमेरिकी अनुरोध पर रूस से तेल खरीदकर वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर किया है।
पीटर नवारो ने कहा कि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले भारत रूस से तेल का लगभग 1 प्रतिशत ही खरीदता था, लेकिन अब यह बढ़कर 35 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत यह तेल रिफाइन करके यूरोप, अफ्रीका और एशिया में ऊंची कीमत पर बेच रहा है, जिसे उन्होंने “पूर्ण मुनाफाखोरी” बताया।
नवारो ने आगे कहा कि भारत चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ “घनिष्ठता बढ़ा रहा है” और अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क बढ़ने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत द्वारा किए गए व्यापारिक कदम अमेरिकी करदाताओं और श्रमिकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
व्हाइट हाउस के इस कड़े बयान के बाद भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और व्यापार संबंधों पर चर्चा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।