नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के गया जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दल संविधान के 130वें संशोधन विधेयक के खिलाफ हैं, क्योंकि उनके कई नेता या तो जेल में हैं या जमानत पर हैं। यह विधेयक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी के 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाने का प्रस्ताव करता है।
मोदी ने कहा कि राजद और उसके सहयोगी बिहार को सिर्फ अपना वोट बैंक समझते हैं और राज्य में जनता यह जानती है कि राजद के नेता हमेशा भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। उन्होंने कहा, “राजद और कांग्रेस के शासनकाल में बिहार में कोई बड़ी परियोजना पूरी नहीं हुई। उनका एकमात्र उद्देश्य अपनी जेबें भरना रहा।”
प्रधानमंत्री ने अवैध आव्रजन और घुसपैठियों के मुद्दे पर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है और राजद-कांग्रेस इन घुसपैठियों का समर्थन कर रहे हैं। मोदी ने स्पष्ट किया, “हम किसी भी हालत में राज्यों के लोगों के अधिकारों को घुसपैठियों के कारण नहीं छीने देंगे।”
उन्होंने कहा कि बिहार में शुरू की गई परियोजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा। मोदी ने बताया कि मगध क्षेत्र में आज 16,000 पक्के मकान गरीब परिवारों को प्रदान किए गए और उनकी सरकार देश भर के हर गरीब परिवार के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य का आधारभूत ढांचा मजबूत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया और कहा कि आतंकवादियों द्वारा पहलगाम में नागरिकों की हत्या के बाद बिहार में किए गए अपने वादे को पूरा किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय एवं राज्य मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहे।