Shimla, 25 August
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से भारत और चीन ने सीमा व्यापार को तीन निर्दिष्ट बिंदुओं—शिपकी-ला (हिमाचल प्रदेश), लिपुलेख (उत्तराखंड) और नाथू-ला (सिक्किम)—से फिर से शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों पक्ष 2026 से कैलाश पर्वत और मानसरोवर यात्रा को भी पुनः आरंभ करने पर राज़ी हो गए हैं।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच हाल ही में हुई वार्ता में इस समझौते पर सहमति बनी। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 से यह व्यापार बंद था।शिपकी-ला मार्ग, जो कभी सिल्क रूट का हिस्सा रहा है, को 1994 के भारत-चीन समझौते के तहत सीमा व्यापार बिंदु घोषित किया गया था। राज्य सरकार का मानना है कि इसके पुनः शुरू होने से हिमाचल प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।साथ ही, शिपकी-ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए छोटा और सुविधाजनक रास्ता उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर बुशहर और पूह से शिपकी-ला तक सड़क मार्ग पहले से मौजूद है, जिससे यात्रियों के लिए आधार शिविर और आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास संभव होगा।मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया कि राज्य के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को द्विपक्षीय वार्ता में प्राथमिकता दी गई।