Shimla, 25 August
HPTDC कार्यालय को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने के सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है। शिमला के चौड़ा मैदान में पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने पर्यटन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन कर सरकार से निर्णय वापिस लेने की मांग की।
पर्यटन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरीश व्यास ने कहा कि HPTDC कार्यालय को शिमला से हटाना पर्यटन के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम जनता विरोधी और पर्यटन विरोधी है। अंग्रेजों के समय से शिमला विश्व मानचित्र पर पर्यटन नगरी के रूप में प्रसिद्ध रहा है और पर्यटन से होने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा शिमला से आता है।व्यास ने कहा कि अगर निगम कार्यालय धर्मशाला चला गया तो लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। पर्यटकों, कारोबारियों और निगम कर्मचारियों सभी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। EPF जैसे कार्यों के लिए भी कर्मचारियों को अब सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना होगा, जिससे समय और आर्थिक दोनों ही नुकसान होंगे।उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस निर्णय को तुरंत निरस्त कर शिमला में ही कार्यालय यथावत रखा जाए।