नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देशभर के लाखों रेहड़ी-पटरी वालों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि पीएम स्वनिधि योजना के 50 लाख से अधिक लाभार्थियों को अटल पेंशन योजना (APY) से जोड़ा जाएगा। पेंशन नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के चेयरमैन एस. रमन ने इस पहल की जानकारी दी।
क्या है पीएम स्वनिधि योजना?
1 जून 2020 को शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना का मकसद छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना के तहत बिना गारंटी के तीन चरणों में अधिकतम 50,000 रुपये तक का लोन मिलता है।
- पहले चरण में 10,000 रुपये,
- दूसरे चरण में 20,000 रुपये और
- तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
अब तक इस योजना का प्रदर्शन बेहद सकारात्मक रहा है। पहले चरण का लोन लेने वाले करीब 82% लाभार्थियों ने समय पर कर्ज चुकाया है और उनमें से 80% लोगों को आगे की किस्त के लिए जोड़ा गया है।
अटल पेंशन योजना से मिलेगा सुरक्षित भविष्य
सरकार की कोशिश है कि स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को अटल पेंशन योजना से जोड़ा जाए ताकि उन्हें दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मिल सके। इस योजना में 18 से 40 वर्ष की आयु के लोग शामिल हो सकते हैं और 60 साल की उम्र पूरी होने पर हर महीने 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन पा सकते हैं।
इस योजना की एक खासियत यह भी है कि लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन उसके जीवनसाथी को मिलती है। बीते वर्ष इसमें जुड़ने वाले 1.17 करोड़ लोगों में से 55% महिलाएं थीं।
सरकार का मानना है कि यह कदम गरीब और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।