Shimla, Sanju
विधानसभा मानसून सत्र के आठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान एपीएमसी दुकानों के आवंटन का मुद्दा गरमा गया। विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और इस मामले की जांच की मांग की। लेकिन मंत्री की ओर से स्पष्ट जवाब न मिलने पर विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी की और अंततः सदन से वाकआउट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्षी विधायकों ने दुकानों के आवंटन पर गंभीर सवाल उठाए थे, लेकिन मंत्री हर बार यही कहते रहे कि इसका जवाब लिखित में दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानों का आवंटन मनमाने ढंग से किया गया है और इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। ठाकुर ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर पर्दा डाल रही है और किसान-बागवानों तक को नहीं बख्शा जा रहा है।
वहीं, विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि शिमला-किन्नौर एपीएमसी द्वारा 70 दुकानों का आवंटन किया गया, जिसके लिए 133 आवेदन आए थे। इनमें से 63 आवेदन खारिज कर दिए गए और बाकी 70 को मंजूरी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिलारू, टूटू और पारला की सब्जी मंडी की दुकानों को बेहद कम किराए पर आवंटित कर दिया गया है। विपक्ष ने सदन में तथ्यों और दस्तावेजों के साथ यह मुद्दा उठाया और दुकानों के आवंटन को रद्द करने की मांग की, लेकिन सरकार टालमटोल करती रही। मजबूर होकर विपक्ष को वाकआउट करना पड़ा।