नई दिल्ली | कोका-कोला, पेप्सिको और अन्य प्रमुख पेय कंपनियों के निकाय इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (IBA) ने केंद्र सरकार से कोल्ड ड्रिंक और अन्य शीतल पेय पदार्थों पर जीएसटी घटाकर 18 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी और अहितकर वस्तुओं के लिए 12 प्रतिशत अतिरिक्त कर लागू होता है।
सरकार ने जीएसटी सुधारों के तहत स्लैब को दो स्तरों – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत – में बदलने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, महंगी कारों और कुछ अहितकर वस्तुओं पर विशेष 40 प्रतिशत दर लागू की जाएगी। वर्तमान में जीएसटी चार स्लैब – 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत – में है।
IBA का कहना है कि अगर जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाया गया, तो उत्पाद अधिक किफायती होंगे, निवेश बढ़ेगा और 2030 तक सालाना 1.2 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा। इस सुधार से निवेश, रोजगार, किसानों को समर्थन और भारतीय अर्थव्यवस्था में समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कोका-कोला, पेप्सिको, रिलायंस, बिसलेरी, डाबर और रेड बुल जैसी कंपनियां IBA के सदस्य हैं। IBA ने बताया कि इस क्षेत्र ने पिछले वर्षों में 50,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है और आगे 85,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश करने की योजना है। संगठन ने सरकार की जीएसटी सुधार पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उद्योग की वास्तविक क्षमता उजागर होगी।