अमेरिका | अमेरिका और भारत के रिश्तों में तनाव की बड़ी वजह अब सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 17 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई 35 मिनट की फोन कॉल दोनों देशों के रिश्तों में दरार का कारण बनी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने मोदी से कहा कि भारत भी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करे। ट्रंप का कहना था कि पाकिस्तान ने उन्हें नामित किया है क्योंकि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले संघर्ष को खत्म कराया।
मोदी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की वजह से नहीं, बल्कि भारत-पाकिस्तान की सीधी बातचीत का नतीजा है। बताया जाता है कि यही जवाब ट्रंप को नागवार गुजरा और इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ने लगे।
बढ़ा तनाव, टूटे समझौते
मोदी के जवाब से नाराज ट्रंप ने कुछ ही हफ्तों बाद भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड वार्ता टूट गई और रिश्ते और भी खराब हो गए।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ट्रंप ने मोदी को व्हाइट हाउस बुलाने की योजना बनाई थी। उनका इरादा मोदी और पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को एक साथ डिनर पर बुलाकर हाथ मिलवाने का था। लेकिन मोदी के सख्त रुख के चलते यह प्लान ध्वस्त हो गया। नतीजतन, अब ट्रंप की भारत यात्रा और आगामी QUAD शिखर सम्मेलन भी अधर में लटक गया है।
मजबूत नेता बनाम मजबूत नेता
विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी और ट्रंप दोनों ही अपनी मजबूत छवि के लिए जाने जाते हैं। अगर मोदी यह मान लेते कि संघर्ष विराम ट्रंप की वजह से हुआ, तो यह भारत की कमजोरी और आत्मसमर्पण का संदेश देता। इसीलिए मोदी ने सख्ती दिखाई और यही विवाद रिश्तों पर भारी पड़ गया।