Mandi, Dharamveer
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच बल्ह से बीजेपी विधायक इंद्र सिंह गांधी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बल्ह में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा से करोड़ों का नुकसान हुआ है, मगर प्रशासनिक अधिकारी गलत रिपोर्ट भेजकर सच्चाई छिपा रहे हैं।
आपदा राहत में उपेक्षा और भेदभाव का लगाया आरोप
गांधी का आरोप है कि इसी वजह से विधानसभा सत्र के दौरान उनके सवालों को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 37 सवालों में से उन्हें केवल 4 पर ही बोलने का मौका दिया गया।विधायक ने कहा कि उनके क्षेत्र में सुकेती खड्ड सहित अन्य नालों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सैकड़ों बीघा जमीन कट गई, फसलें बर्बाद हो गईं और कई घरों में पानी घुस गया। सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके बावजूद यहां की वास्तविक तस्वीर सरकार तक नहीं पहुंचाई जा रही।
गांधी ने ऐलान किया कि वे स्वयं अपने क्षेत्र में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे और इसे राष्ट्रीय आपदा में शामिल करने की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने सुकेती खड्ड को चैनलाइज करने पर भी जोर दिया।इसी दौरान विधायक ने टीजीटी शिक्षकों की पदोन्नति के बाद पांच दिन के भीतर ही दूरस्थ क्षेत्रों में ज्वाइन करने के आदेशों को भी अनुचित बताया। उनका कहना है कि जब प्रदेश आपदा की मार झेल रहा है, सड़कें टूटी हुई हैं और परिवहन की सुविधा ठप है, तब शिक्षकों से इतनी जल्दी नई जगह पर ज्वाइन करने की अपेक्षा करना कर्मचारी हितों के खिलाफ है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को ज्वाइनिंग के लिए कम से कम एक माह का समय दिया जाए.