Shimla, 31 August
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मणिमहेश यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन में सरकार पूरी तरह विफल रही। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालु कई दिनों तक फंसे रहे लेकिन सरकार और प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठा सके।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री आपदा की घड़ी में प्रदेशवासियों को छोड़कर चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त रहे और बाद में केवल औपचारिकता निभाकर लौट आए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति छुपा रही है जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई श्रद्धालुओं की जान गई है और लोग अपनी जान बचाने के लिए दिनों तक पैदल यात्रा कर सुरक्षित लौटे।नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा से श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूली गई और राहत कार्यों में लापरवाही बरती गई। जिम्मेदार मंत्री भी प्रभावितों से संवाद की जगह बहसबाजी करते रहे, जो अत्यंत शर्मनाक है।उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में चंबा और भरमौर के स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को परिवार की तरह संभाला और “अतिथि देवो भव” की परंपरा को चरितार्थ किया। इसके लिए उन्होंने हिमाचलवासियों का आभार व्यक्त किया।
फागू में सुनी ‘मन की बात’, स्वदेशी अभियान से जुड़ने का आह्वान
जयराम ठाकुर ने शिमला जिला के फागू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वदेशी को बढ़ावा देने और आपदा प्रभावितों की मदद के लिए आह्वान किया है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और त्रासदी का सामना कर रहे लोगों की मदद के लिए आगे आएं। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के लोग पहले भी आपदा प्रभावितों की हर संभव सहायता करते आए हैं और आगे भी इसी भावना से सहयोग करेंगे।