Summer express, नई दिल्ली। इन्फोसिस ने पुणे स्थित अपनी बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM) यूनिट में कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़े सोशल मीडिया आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया दी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र का आईटी सेक्टर पहले से ही कार्यस्थल सुरक्षा और व्यवहार को लेकर जांच के दायरे में है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन्फोसिस कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या भेदभाव के प्रति “जीरो टॉलरेंस नीति” अपनाती है। कंपनी ने कहा कि इस तरह की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और उसकी जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जाती है।
मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट के बाद सामने आया, जिसमें पुणे यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, संबंधित पोस्ट को बाद में हटा दिया गया। इस घटना के बाद आईटी उद्योग में कार्यस्थल सुरक्षा और आचरण को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
इसी बीच, नासिक में टीसीएस (TCS) से जुड़े एक अलग मामले में भी कार्यस्थल पर उत्पीड़न और अन्य गंभीर आरोपों की जांच चल रही है, जिससे आईटी कंपनियों में कार्य संस्कृति को लेकर निगरानी और सख्त हो गई है।
इन्फोसिस के अनुसार, कंपनी में वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्यस्थल आचार संहिता का पालन किया जाता है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वतंत्र जांच समिति के समक्ष रखा जाता है। कंपनी ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को किसी भी तरह की चिंता या शिकायत खुलकर दर्ज कराने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि सुरक्षित और पारदर्शी कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।