गुड़गांव | बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसा कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं और एक वकील को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान एडवोकेट कुलदीप मलिक, आशा और कंचन (कृतिका) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ नागरिक की बेटी ने शिकायत दी कि महिलाओं ने उसके विधुर पिता को मिस्ड कॉल के जरिए दोस्ती में फंसा लिया। बाद में पिता के साथ शारीरिक संबंध बनाने का झांसा देकर धमकी दी गई। इसके बाद उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और ना देने पर झूठे बलात्कार के मुकदमे का डर दिखाया गया।
परिवार ने अपने वकील और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ डीसीपी से मुलाकात की। उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की, जिसमें वकील कुलदीप मलिक ने कथित अपराधियों से बुजुर्ग से 6.5 लाख रुपये की जबरन वसूली करने की बात कही।
गिरोह का तरीका और चेतावनी
न्याय फाउंडेशन की निदेशक दीपिका नारायण भारद्वाज ने बताया कि यह गिरोह हरियाणा के विभिन्न जिलों में सक्रिय है। वरिष्ठ नागरिकों को हनीट्रैप में फंसाकर, झूठे बलात्कार के मुकदमे की धमकी दी जाती है और लोग अक्सर डर या शर्म के कारण भुगतान कर देते हैं।
पुलिस की कार्रवाई
गुड़गांव पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पीड़ितों के वकील अंकित गुप्ता ने कहा कि कुछ वकीलों द्वारा इस तरह की अवैध गतिविधि वकालत पेशे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है। पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।