पटना | बिहार की 16 दिनों और 1300 किलोमीटर लंबी वोटर अधिकार यात्रा का अंतिम चरण अब पटना में शुरू हो गया है। सासाराम से 17 अगस्त को शुरू हुई यह पदयात्रा गांधी मैदान में बड़ी रैली के साथ समाप्त होगी। यात्रा का उद्देश्य मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ जनता में जागरूकता फैलाना है।
डाकबंगला चौराहे पर अचानक रोका गया मार्च
पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की पदयात्रा को रोक दिया। भारी पुलिस बल ने इलाके को घेर लिया। जब पदयात्रा रुक गई, तो विपक्षी नेता वहीं रुककर लोगों को संबोधित करने लगे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच यह दृश्य अत्यंत सस्पेंसपूर्ण रहा।
इंडिया ब्लॉक के बड़े नेता शामिल
यात्रा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा और सीपीआई-एमएल के दीपंकर भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं का स्वागत पटना एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से किया गया।
यात्रा का मकसद और अहमियत
यह पदयात्रा मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के लिए निकाली गई। बिहार जैसे बड़े राज्य में चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी फैलाना इस यात्रा की प्रमुख आवश्यकता रही।
जनसंपर्क और रैली का रोमांच
डाकबंगला चौराहे पर यात्रा रोकने के बाद विपक्षी नेताओं ने वहीं जनता को संबोधित किया। गांधी मैदान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग जुटे, जिससे रैली का उत्साह और जोश दोनों बढ़ गए। नेताओं ने मतदाताओं को अपने वोट अधिकार की जानकारी देते हुए चुनावी भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन सतर्क
पटना पुलिस ने यात्रा के दौरान हर संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए। बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।