Shimla,Sanju-हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। सत्र के 11वें दिन मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आई आपदा पर सदन के भीतर अपना वक्तव्य रखा। लेकिन विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि आपदा के समय मुख्यमंत्री सदन से गायब रहे और बिहार में राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बयानों में अंतर को लेकर भी सवाल खड़े किए।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आपदा के समय सरकार की व्यवस्थाएं पूरी तरह फेल रहीं। उन्होंने कहा कि चंबा में हालात बेहद खराब हैं और डिस्टर्ब कर देने वाले विजुअल्स ने सिस्टम की पोल खोल दी।नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि मुख्यमंत्री चार दिन बाद सदन पहुंचे और अब सत्र को तीन दिन बढ़ाने की बात हो रही है, जबकि विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहली प्राथमिकता आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना होनी चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ लेना।
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने अलग-अलग आंकड़े क्यों दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद 15 हजार श्रद्धालुओं के फंसे होने की बात मान चुके हैं, जबकि विपक्ष को 10 हजार का आंकड़ा बताने पर गलत ठहराया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि आर्मी के हेलीकॉप्टर समय पर नहीं मंगाए गए और श्रद्धालुओं को पैदल लौटना पड़ा। साथ ही सरकार अब 16 मौतों को स्वीकार कर चुकी है।जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री मंडी में हुए नुकसान का भी जिक्र करने से बच रहे हैं।