यमुनानगर | यमुना नदी ने खतरे की घंटी बजा दी है। देर रात से नदी का जलस्तर मिनी फ्लड स्तर पार कर गया और सुबह होते-होते यह हाई फ्लड स्तर तक पहुँच गया। हथिनीकुंड बैराज से लगातार सायरन बजने लगे हैं, जिससे निचले इलाकों में लोगों में खलबली मची हुई है।
उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के चलते यमुना नदी में अचानक पानी की भारी बढ़ोतरी हुई है। सुबह 4 बजे बैराज में पानी की मात्रा 1.65 लाख क्यूसेक थी, 5 बजे बढ़कर 2.10 लाख क्यूसेक, 7 बजे 2.38 लाख क्यूसेक और 8 बजे 3.11 लाख क्यूसेक तक पहुंच गई। 9 बजे यह 3.29 लाख क्यूसेक और 10 बजे 3.21 लाख क्यूसेक दर्ज की गई।
निचले इलाकों में सतर्कता
हथिनीकुंड बैराज का पानी यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत के साथ दिल्ली में भी बाढ़ की संभावना पैदा कर रहा है। प्रशासन ने सोशल मीडिया और स्थानीय चैनलों के माध्यम से निचले इलाकों में लोगों को तुरंत चेतावनी दे दी है। सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और प्रशासन को हर घंटे अपडेट भेज रहा है।
मिनी फ्लड से हाई फ्लड तक का खतरा
जानकारी के अनुसार यमुना नदी में 1 लाख क्यूसेक पानी पर मिनी फ्लड घोषित किया जाता है। 2.50 लाख क्यूसेक या उससे अधिक जलस्तर पर हाई फ्लड घोषित किया जाता है, जो निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा बन जाता है।
स्थानीय लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि वे जल निकासी और राहत कार्य तुरंत सुनिश्चित करें, ताकि बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।