Kangra, Sanjeev
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पौंग बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण जिला कांगड़ा की इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के मंड इंदौरा और मंड मियांणी गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खेत डूब चुके हैं, मकानों में दरारें पड़ गई हैं और लोग खुले आसमान तले रातें गुज़ारने को मजबूर हैं।
इस मुश्किल घड़ी में विधायक मलेंद्र राजन एनडीआरएफ की नाव और ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों का हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
खेत-बाड़ी और मकानों का सबसे ज्यादा नुकसान
बाढ़ के पानी से गांवों की हरी-भरी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कई कच्चे मकान गिर गए जबकि पक्के मकानों में दरारें आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने मवेशियों और सामान को सुरक्षित बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। सड़कें, पुलिया और पेयजल योजनाएं भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मौके पर
विधायक राजन के साथ एसडीएम डॉ. सुरिंद्र ठाकुर और तहसीलदार अमनदीप भी मौजूद रहे। वहीं बीएमओ इंदौरा की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और ज़रूरी दवाइयां वितरित कीं। राहत शिविरों में भोजन, पानी और दवा की व्यवस्था की गई है।
विधायक ने कहा कि बाढ़ ने इन गांवों की खुशियां छीन ली हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं कि हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचे। कोई भी परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा।
ग्रामीणों में दहशत
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग अब भी सहमे हुए हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी इस चिंता में हैं कि “कल का दिन कैसा होगा?” हालांकि प्रशासन को उम्मीद है कि राहत और मुआवजे के सहारे लोग जल्द ही अपनी जिंदगी दोबारा पटरी पर ला सकेंगे।