हरियाणा | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में उद्योग जगत और स्टार्टअप्स से जुड़े कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक दिशा तय करने वाले कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विश्व स्तरीय इनक्यूबेटर (H-HUB) स्थापित किया जाएगा, जहां स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, हरियाणा सरकार सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग नीतियां भी तैयार करेगी।
“मेक इन हरियाणा” और “डिज़ाइन इन हरियाणा” का आह्वान
सीएम सैनी ने कहा कि जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “मेक इन इंडिया” का विजन दिया है, उसी तर्ज पर हरियाणा सरकार ने भी “मेक इन हरियाणा” और “डिज़ाइन इन हरियाणा” का लक्ष्य रखा है। उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से राज्य में निवेश करने और नवाचार को बढ़ावा देने की अपील की।
10 नए आईएमटी और 20 हजार एकड़ भूमि
सीएम ने बताया कि राज्य बजट 2025-26 में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित करने की घोषणा की गई है। इसके लिए ई-भूमि पोर्टल पर स्वेच्छा से भूमि मालिकों ने लगभग 20 हजार एकड़ भूमि की पेशकश की है। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे इन नए औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करें।
गुरुग्राम और पंचकूला में AI हब
हरियाणा सरकार गुरुग्राम और पंचकूला में एआई (Artificial Intelligence) हब स्थापित करने जा रही है, जिससे राज्य तकनीकी नवाचार और रिसर्च का प्रमुख केंद्र बन सके। इसके साथ ही, सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में इनक्यूबेशन सेंटर खोले जाएंगे ताकि स्थानीय स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, संसाधन और नेटवर्किंग मिल सके।
भविष्य की तकनीकों पर फोकस
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने “डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर” नामक एक विशेष विभाग बनाया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और डीप-टेक जैसी उभरती तकनीकों को अपनाने पर काम करेगा।
हरियाणा में स्टार्टअप्स की स्थिति
- हरियाणा देश में स्टार्टअप्स की संख्या में सातवें स्थान पर है।
- राज्य में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स कार्यरत हैं।
- अब तक यहां से 19 यूनिकॉर्न कंपनियां उभरी हैं।
- खास बात यह है कि 50% स्टार्टअप्स महिला नेतृत्व वाले हैं।
संतुलित विकास और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
सीएम सैनी ने कहा कि सरकार जिला स्तर के अस्पतालों को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है और उद्योगपतियों से सीएसआर फंड का इस्तेमाल स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे सामाजिक क्षेत्रों को मजबूत करने में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उद्योग और समाज के बीच यह साझेदारी हरियाणा को संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी।