Mandi, 7 September
कुल्लू जिले में पतलीकूहल से मनाली तक क्षतिग्रस्त हाईवे की बहाली के लिए बनाई गई एनएचएआई की हवाई योजना सफल नहीं हो पाई। भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर से मशीनरी ले जाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन खराब मौसम के चलते यह संभव नहीं हो सका।
हालांकि राहत की बात यह है कि एनएचएआई ने सड़क मार्ग से ही अधिकतर स्थानों तक मशीनरी पहुंचा दी है। अधिकारियों के अनुसार शेष मशीनरी भी देर रात तक मौके पर पहुंच जाएगी, जिसके बाद सड़क बहाली का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।बीते दिनों हुई भारी बारिश और ब्यास नदी के उफान से हाईवे कई जगहों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। आपदा के तुरंत बाद से एनएचएआई ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया था और अब सड़क को बहाल करने के लिए सभी संसाधनों को झोंक दिया गया है।
दिन-रात डटी टीमें
एनएचएआई की टीमें दिन-रात हाईवे बहाली में जुटी हैं। विकट परिस्थितियों के बावजूद मशीनरी लगातार काम कर रही है। हाल ही में एनएचएआई ने घायल मरीज को कुल्लू से एम्स बिलासपुर तक पहुंचाने के लिए जोखिम उठाकर हाईवे को बहाल किया था। उस दौरान दो मशीनों पर पत्थर भी गिरे, लेकिन एम्बुलेंस को हर हाल में रास्ता दिलाया गया। इसी जज्बे के साथ अब हाईवे को फिर से जोड़ने का काम जारी है।
जरूरत पड़ी तो वायुसेना की मदद
एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि फिलहाल सड़क मार्ग से ही मशीनरी पहुंचाई जा रही है। मौसम में सुधार होने और आवश्यकता पड़ने पर वायुसेना की मदद ली जाएगी।