चंडीगढ़ | प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। “पीएम-ई-बस सेवा योजना” के तहत देशभर में लगभग 10,000 इलेक्ट्रिक बसें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
हरियाणा को इस योजना से 450 ई-बसें मिलेंगी, जिनमें से 100 सिर्फ गुरुग्राम की सड़कों पर चलेंगी। यह घोषणा केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में 28.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के भूमि पूजन के दौरान की। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद थे।
मंत्री ने बताया कि यह योजना न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होगी, बल्कि आम जनता को आधुनिक, सुरक्षित और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सुविधा भी मुहैया कराएगी।
रोजगार और पर्यावरण को सीधा लाभ
विशेषज्ञ संस्थानों के अनुसार, ई-बस योजना से देशभर में 45,000 से 55,000 तक नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। वर्तमान में चल रही 3,800 से अधिक ई-बसों के जरिए पहले ही हजारों टन हानिकारक गैसों के उत्सर्जन में कमी आई है, जिससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर देखा गया है।
PPP मॉडल पर होगा संचालन
अगस्त 2023 में शुरू हुई इस योजना में करीब 20,000 करोड़ रुपये का केंद्रीय निवेश किया जा रहा है। बसों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर होगा। सरकार ने बसों के प्रकार के हिसाब से प्रति किलोमीटर सब्सिडी भी तय की है। इसके अलावा, चार्जिंग स्टेशन और बस डिपो के निर्माण में भी केंद्र सरकार की ओर से पूरी मदद दी जाएगी।