हरियाणा | हरियाणा सरकार ने प्रदेश में रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अंबाला, फरीदाबाद, जींद और रेवाड़ी में कुल 6 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) बनाने का निर्णय लिया है। योजना के तहत दो IMT मुख्यमंत्री नायब सैनी के गृह जिले अंबाला में विकसित की जाएंगी, जबकि दो फरीदाबाद में और जींद व रेवाड़ी में 1-1 IMT बनाई जाएगी।
इन टाउनशिप के निर्माण के लिए लगभग 5,500 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। जींद IMT के लिए अकेले 12,000 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। सरकार का यह कदम प्रदेश में उद्योगों के विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
किसानों को बाजार मूल्य पर मिलेगी जमीन की कीमत
IMT निर्माण के लिए सरकार किसानों से उनकी सहमति के आधार पर जमीन खरीदेगी। जो किसान अपनी जमीन बेचना चाहते हैं, वे हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास निगम के ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जमीन की कीमत तय करते समय कलेक्टर रेट और बाजार मूल्य को ध्यान में रखा जाएगा, हालांकि किसान अपनी मांग भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
IMT के लिए जमीन की आवश्यकताएँ
- अंबाला में पहली IMT के लिए खैरा, नग्गल और नडियाली इलाके के पास 2,000 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
- दूसरी IMT के लिए नारायणगढ़ में चेची माजरा, डेरा, हमीदपुर और टोका गांवों में लगभग 3,000 एकड़ जमीन चाहिए।
- जींद में 12,000 एकड़ जमीन की जरूरत है, क्योंकि यहाँ से 2 नए एक्सप्रेस-वे (152-D और दिल्ली-कटरा) गुजर रहे हैं।
- फरीदाबाद में 2 IMT के लिए कुल 13,500 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। पहली IMT के लिए 4,500 एकड़ में खेड़ी कलां, नचोली, ताजपुर, धनकौला, शाहबाद, ताजापुर, बदरपुर, साहुपुरा, सोताई, सुनपर, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फतुपुरा, बुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा और तिगांव सेक्टर 94A, 96, 97A, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 शामिल हैं। दूसरी IMT के लिए फरीदाबाद और पलवल में 9,000 एकड़ जमीन चाहिए।
- रेवाड़ी में 5,000 एकड़ भूमि में IMT विकसित की जाएगी। इसके लिए खेड़ा, आलमपुर, पहराजवास, पाल्हावास, रोहराई, रोझुवास, सैदपुर, शादीपुर, अहमदपुर पार्थल, शादीपुर, सुरखपुर टप्पा कोसली, कुतुबपुर जागीर और कुतुबपुर मौला गांवों की जमीन का चयन किया जाएगा।
सरकार का यह कदम प्रदेश में औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।