यमुनानगर | यमुनानगर में नगर निगम द्वारा बनाया गया दडवा डेयरी कॉम्प्लेक्स इन दिनों किसी नर्क से कम नहीं दिख रहा। बरसात और उसके बाद की स्थिति ने हालात इतने बिगाड़ दिए हैं कि न पशुओं के लिए जगह बची है और न ही पशुपालकों के लिए सुरक्षित रास्ता। नतीजा यह है कि कई पशुपालक अब यहां से पलायन करने की सोच रहे हैं। उनका कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो उन्हें आत्मदाह की अनुमति दी जाए।
करीब एक दशक पहले शहर से डेयरियां शिफ्ट कर यहां लाने वाले पशुपालकों का आरोप है कि निगम ने उन्हें सुविधाओं का वादा तो किया था, लेकिन आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। कुलदीप मेहता, संजय पाहवा, जितेंद्र लांबा समेत कई पशुपालकों ने बताया कि पानी निकासी और गोबर प्रबंधन का कोई इंतजाम नहीं है। नतीजतन, पशु दलदल में बैठने को मजबूर हैं और यहीं से दूध भी निकाला जा रहा है। कई पशुपालक चर्म रोग तक से पीड़ित हो चुके हैं।
पशुपालकों का कहना है कि डॉक्टर, चारे वाले या बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति कॉम्प्लेक्स तक पहुंच ही नहीं पाता। बार-बार लिखित और मौखिक गुहार लगाने के बावजूद निगम की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उनका कहना है कि अगर वे बगावत पर उतर आए तो निगम और प्रशासन दोनों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा।
मेयर का आश्वासन
नगर निगम मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि हालात सुधारने के लिए जल्द सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डेयरी कॉम्प्लेक्स की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और जल्द परिणाम नजर आएं।