काठमांडू | नेपाल में Gen-Z आंदोलन और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच जेल ब्रेक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गुरुवार को रामेछाप जिला जेल में कैदियों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान आंतरिक ताले तोड़े गए और मुख्य दरवाजे को जबरन खोलने का प्रयास किया गया। हालात बिगड़ने पर नेपाली सेना ने गोलीबारी की, जिसमें करीब 12 से 13 कैदी घायल हो गए।
रामेछाप के मुख्य जिलाधिकारी श्याम कृष्ण थापा ने पुष्टि की कि सभी कैदियों को दोबारा काबू में कर लिया गया है और अब स्थिति नियंत्रण में है। इस जेल में 800 से अधिक कैदी बंद हैं।
भारत में भी पकड़े जा रहे फरार कैदी
नेपाल से भागने वाले कई कैदी भारत की ओर भाग निकले। भारतीय सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अब तक 35 कैदियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें—
- उत्तर प्रदेश: 22 कैदी
- बिहार: 10 कैदी
- पश्चिम बंगाल: 3 कैदी
अधिकारियों का कहना है कि पकड़े जाने वाले कैदियों की संख्या और बढ़ सकती है।
नेपाल में लगातार जेल ब्रेक की घटनाएं
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में नेपाल के इतिहास की सबसे बड़ी जेल ब्रेक घटनाएं दर्ज हुई हैं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, देशभर की 25 से अधिक जेलों से 15,000 से ज्यादा कैदी फरार हुए। इनमें से कुछ ने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि बाकी को सेना और पुलिस ने पकड़ लिया। सुरक्षा को देखते हुए जेलों में अतिरिक्त पुलिस और सेना की तैनाती की गई है।
राजनीतिक संकट और Gen-Z आंदोलन
नेपाल में हाल ही में सरकार ने 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था, जिसके खिलाफ युवाओं ने जोरदार विरोध शुरू किया। इस आंदोलन के दौरान संसद भवन और सरकारी इमारतों में आगजनी हुई। हालात बिगड़ने पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया।
अब तक हुई झड़पों में 30 लोगों की मौत और 1,000 से अधिक घायल हो चुके हैं। काठमांडू सहित कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रहेगा।