Kaithal, 13 September
जिले में अब पराली जलाना किसानों के लिए भारी पड़ सकता है। प्रशासन ने साफ किया है कि खेतों में फसल अवशेष जलाने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत कार्रवाई होगी। पुलिस की विशेष टीमें लगातार गांवों में गश्त करेंगी और नियम तोड़ने वाले किसानों पर FIR दर्ज की जाएगी।
कैथल एसपी आस्था मोदी ने कहा –“किसान पराली न जलाएं, इससे प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण के साथ-साथ जमीन की उर्वरक क्षमता भी प्रभावित होती है। हमारी टीमें चौकसी बढ़ा रही हैं, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”पिछले वर्ष हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कैथल जिला पहले स्थान पर रहा था। करीब 20 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया था। इस बार जिला प्रशासन ने प्रदेश की प्रशासनिक बैठक के बाद और सख्ती दिखाने का निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने से न केवल हवा में जहरीला धुआं फैलता है बल्कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी घटती है। प्रशासन किसानों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक प्रबंधन के उपाय अपनाएं ताकि कानूनी कार्रवाई से बच सकें और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।