जींद | अमेरिका में 6 सितंबर को गोली लगने से मृत 26 वर्षीय कपिल का शव आज उसके गांव बराह कलां पहुंचा और अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार के अनुसार, शव को घर लाने में 10 लाख रुपये से अधिक खर्च हुए। कपिल, जो वर्ष 2022 में अमेरिका गया था, पनामा के जंगलों और डंकी रूट के माध्यम से मैक्सिको की दीवार पार कर वहां पहुंचा था। वहां उसकी गिरफ्तारी हुई और कोर्ट केस के दौरान वह अमेरिका में ही रह गया। कपिल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह कैलिफोर्निया के एल.ए. शहर में फ्लिपकार्ट स्टोर पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था।
घटना के दिन, 6 सितंबर को कपिल अपने स्टोर पर तैनात था, तभी एक अमेरिकी नागरिक स्टोर के पास सड़क पर सार्वजनिक शौच कर रहा था। कपिल ने उसे रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों में विवाद हो गया। इसके बाद आरोपी ने पिस्टल से कपिल पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी घटना स्थल से फरार हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस ने कपिल को अस्पताल पहुँचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। यारी इंटरनेशनल संस्था की मदद से अमेरिका में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और भारत लाया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान कपिल के माता-पिता गम में डूबे रहे। पूरे गांव में शोक की लहर छा गई। गांव के सरपंच सुरेश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से कपिल के परिवार को अब तक कोई सहायता नहीं मिली।