चंडीगढ़ | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य में 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप्स (IMTs) विकसित की जाएंगी। इनमें से कुछ के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अंबाला, जिंद और फरीदाबाद-पालवाल जिलों में तीन टाउनशिप्स स्थापित होंगी, जबकि अन्य के लिए कोसली और नारियांगढ़ जैसे स्थानों की पहचान की गई है।
MSME और आर्थिक विकास
सरकार का मानना है कि ये टाउनशिप्स छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को प्रोत्साहन देंगी। वर्तमान में हरियाणा में लगभग 7.66 लाख MSMEs सक्रिय हैं, जो करीब 39 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं और प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से MSMEs को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
उद्योग स्थापना प्रक्रिया होगी आसान
सरकार ने उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए 1,100 से अधिक नियमों को घटाया है और 48 विभागों की प्रक्रियाओं को आसान किया जा रहा है। साथ ही, एक-छत क्लियरेंस सिस्टम के जरिए कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
आर्थिक प्रभाव
• रोजगार सृजन: नई टाउनशिप्स से फैक्ट्रियों, गोदामों और सहायक उद्योगों में नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।
• निवेश में वृद्धि: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतियों से निजी और सार्वजनिक निवेश आकर्षित होगा।
• क्षेत्रीय संतुलन: छोटे जिलों तक निवेश पहुँचने से औद्योगिक असमानताएँ घटेंगी।
चुनौतियाँ
• भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी में पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया आवश्यक होगी।
• बिजली, पानी, सड़क और सीवरेज जैसी सुविधाओं का समय पर विकास जरूरी है।
• प्रशिक्षित श्रमिकों की मांग पूरी करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर ध्यान देना होगा।