चंडीगढ़ | हरियाणा में अवैध मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी से जुड़े मामलों की जांच में गंभीर ढील सामने आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इन मामलों की त्वरित जांच का आदेश देते हुए प्रदेश के डी.जी.पी से विस्तृत शपथपत्र मांगा था।
655 मामलों में गिरफ्तारी नहीं
डी.जी.पी ने हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर बताया कि प्रदेश में एन.डी.पी.एस के 655 मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी 8 महीने से अधिक समय से नहीं हो पाई है। शपथपत्र के अनुसार, सभी फील्ड यूनिटों से मिली रिपोर्ट में आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन सफलता अभी तक नहीं मिली।
लापरवाही और फरार आरोपी
- 37 मामलों में जांच अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की गई।
- 11 मामलों में आरोपी फरार घोषित किए जा चुके हैं।
- 29 मामलों में आरोपियों को फरार अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
- अभी तक किसी मामले में फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के लिए अदालत में आवेदन नहीं किया गया।
DGP ने दिए आदेश
डी.जी.पी ने 11 सितंबर को सभी पुलिस फील्ड यूनिटों को पत्र जारी कर निर्देश दिए कि:
- गिरफ्तारी के हरसंभव प्रयास किए जाएँ।
- आरोपियों को फरार अपराधी घोषित किया जाए।
- उनकी संपत्ति कुर्क करने की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
हाईकोर्ट की नाराजगी
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में मामले में ढील पर गंभीर नाराजगी जताई थी। जस्टिस एन.एस. शेखावत की बैंच ने डी.जी.पी को आदेश दिया था कि वे 6 महीने से अधिक समय से गिरफ्तारी न होने वाले मामलों और लापरवाह जांच अधिकारियों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण पेश करें।