नई दिल्ली | लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर ने वीडियो जारी कर यह स्वीकार किया है कि भारत की सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मुरीदके स्थित उनके आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया। वीडियो में कमांडर कासिम ने बताया कि इस कैंप से कई आतंकवादी भारत में गतिविधियों को अंजाम देने के लिए निकले।
कमांडर का खुलासा:
कासिम ने कहा, “मैं इस वक्त मुरीदके में मरकज-ए-तैयबा कैंप के सामने खड़ा हूं, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने तबाह किया था।” उन्होंने यह भी बताया कि कैंप का पुनर्निर्माण किया जा रहा है और यहां एक बड़ी मस्जिद बनाई जाएगी। इसके साथ ही कई बड़े आतंकवादी इसी कैंप से निकले थे। यह बयान पाकिस्तान के उस दावे को सीधे चुनौती देता है, जिसमें उसने ऑपरेशन में किसी नुकसान से इनकार किया था।
नई आतंकवादी ट्रेनिंग फैक्ट्री का खुलासा:
वीडियो में कासिम ने एक नई जगह का खुलासा किया, जिसे वह आतंकियों की नई फैक्ट्री बता रहा है। उन्होंने कहा, “आज 15 सितंबर है, यह पूरी पाकिस्तान में एक ऐसी जगह है जहां ‘दौरा-ए-सुफ्फा’ नाम का ट्रेनिंग कोर्स चलता है।” इस कोर्स में नए आतंकियों को घुड़सवारी, तैराकी और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह साफ़ संकेत है कि पाकिस्तान अभी भी आतंकवादियों को पनाह दे रहा है और नए आतंकियों को तैयार कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत का निर्णायक हमला:
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। हालांकि पाकिस्तान ने इन नुकसानों को छुपाने की कोशिश की थी। अब लश्कर और जैश जैसे संगठन फिर से नए आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण में जुटे हैं। कमांडर कासिम के कबूलनामों ने एक बार फिर पाकिस्तान की असली भूमिका और समर्थन उजागर कर दिया है।