चंडीगढ़ | हरियाणा रेलवे पुलिस ने अपनी तत्परता और दक्षता का एक बार फिर उदाहरण पेश किया है। गुड़गांव रेलवे स्टेशन से 4 वर्षीय बच्ची के अपहरण की सनसनीखेज घटना में, महज 50 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्ची को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। यह अभियान तेज कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जमीनी प्रयास का उत्कृष्ट मिश्रण साबित हुआ।
रेलवे पुलिस की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक हरियाणा, शत्रुजीत कपूर ने कहा कि यह कार्यवाही केवल कर्तव्य निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इंसानियत और जनसेवा का जीवंत उदाहरण है। मासूम बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाना और उन्हें सुरक्षित लौटाना पुलिस और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करता है।
घटना का विवरण
16 सितंबर 2025 को गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने नशीला पदार्थ खिलाकर बच्ची का अपहरण किया।
पुलिस की रणनीति और तकनीकी जुगलबंदी
सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत ने मामला शीर्ष प्राथमिकता में लेकर कार्रवाई शुरू की। उप पुलिस अधीक्षक फरीदाबाद राजेश कुमार के नेतृत्व में 18 रेडिंग पार्टियों का गठन किया गया, जिनमें साइबर विशेषज्ञ और सीसीटीवी फुटेज विश्लेषक शामिल थे। गुड़गांव से पीलीभीत तक के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण कर संदिग्ध के चित्र व्यापक स्तर पर साझा किए गए।
ऑपरेशन पीलीभीत: सफलता की कहानी
पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर पुलिस टीम द्वारा तलाशी के दौरान आरोपी दबाव में आ गया और बच्ची को वहीं छोड़ भाग गया। बच्ची को तुरंत मेडिकल जांच कराई गई और सुरक्षित रूप से परिजनों को सौंपा गया। परिवार ने पुलिस की तत्परता की खुले दिल से सराहना की।
स्थानीय सहयोग और मानवीय पहल
इस अभियान में रेलवे स्टेशन के टैक्सी और ऑटो चालकों का सहयोग भी निर्णायक रहा। यह पुलिस-जन सहभागिता का शानदार उदाहरण बना।
हाल की उपलब्धियां
पिछले एक महीने में जीआरपी हरियाणा ने कई महत्वपूर्ण सफलताएं दर्ज की हैं। 24 बच्चों को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया, 23 बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया गया, और 11 लोगों को रेलवे पटरियों से आत्महत्या के प्रयास से बचाया गया।
जनविश्वास का प्रतीक
रेलवे पुलिस का यह अभियान दर्शाता है कि संवेदनशीलता, तकनीक और टीमवर्क के सही मिश्रण से कठिन चुनौती को भी पार किया जा सकता है। बच्ची का सुरक्षित घर लौटना न केवल परिवार के लिए राहत की बात है, बल्कि समाज में पुलिस की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का भी प्रतीक है।