फ्रांस | फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अमेरिका की अति-दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर और राजनीतिक टिप्पणीकार कैंडेस ओवेन्स ने दावा किया कि ब्रिजिट ट्रांसजेंडर हैं।
इन आरोपों के बाद फ्रांस की राजनीति में हलचल मची थी। मैक्रों ने आरोपों को खारिज करते हुए जुलाई 2025 में ओवेन्स के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अब राष्ट्रपति और उनकी पत्नी ब्रिजिट आरोपों को निराधार साबित करने के लिए महिला होने का ठोस सबूत पेश करने का निर्णय ले चुके हैं।
ओवेन्स का दावा और विवाद का इतिहास
इस विवाद की शुरुआत 2021 में फ्रांसीसी ब्लॉगर अमांडाइन रॉय और नाटाशा रे के यूट्यूब वीडियो से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि फ्रांस की फर्स्ट लेडी ट्रांसजेंडर हैं। 2024 में दोनों के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में मैक्रों को जीत मिली थी, लेकिन 2025 में अपील के बाद मामला फिर खुल गया।
कैंडेस ओवेन्स, जिनके इंस्टाग्राम पर 6 मिलियन से अधिक फॉलोअर हैं, ने कहा कि ब्रिजिट का जन्म पुरुष के रूप में हुआ था और उनका असली नाम जीन-मिशेल ट्रॉग्न्यू था। उन्होंने यह भी कहा कि मैक्रों किशोर अवस्था में ब्रिजिट से मानसिक समर्थन प्राप्त करते थे।
मैक्रों की तरफ से जवाब
मैक्रों ने अब इस विवाद को समाप्त करने और आरोपों को गलत साबित करने के लिए फोटो और वैज्ञानिक सबूत पेश करने की योजना बनाई है। बीबीसी से बातचीत में मैक्रों के वकील टॉम क्लेयर ने बताया कि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों में व्यक्तिगत और पारिवारिक तस्वीरें शामिल हो सकती हैं।
ब्रिजिट मैक्रों की उम्र 72 साल है और वे तीन बच्चों की मां हैं। उन्होंने अमीन्स शहर के एक हाई स्कूल में पढ़ाते समय इमैनुएल मैक्रों को पढ़ाया था, जिनसे उनका अफेयर शुरू हुआ।