Shimla, Sanju -शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही देशभर में लागू हुए नए GST बदलावों को भाजपा ने “बजट उत्सव” के रूप में मनाया। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल ने शिमला में कहा कि GST सुधार विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने दावा किया कि इससे आम जनता की रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं सस्ती होंगी।
अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिवाली से पहले देशवासियों को तोहफ़ा देने का वादा किया था, उसी के तहत GST में संशोधन किए गए हैं। अब रोजमर्रा के उत्पादों पर 7 फीसदी कर घटाया गया है। चार स्लैब की जगह केवल दो स्लैब रहेंगे। GST रजिस्ट्रेशन तीन दिन में और 90 फीसदी रिफंड तुरंत मिलने की सुविधा मिलेगी।उन्होंने बताया कि 2019 में हिमाचल का GST कलेक्शन 3,550 करोड़ था, जो अब बढ़कर 5,039 करोड़ तक पहुंच गया है। वर्ष 2023-24 में 9,375 करोड़ का GST कलेक्शन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 18.91 फीसदी अधिक है। राज्य के कलेक्शन में हर साल औसतन 14 फीसदी की वृद्धि हो रही है। केंद्र सरकार राज्यों को टैक्स कलेक्शन का 42 फीसदी हिस्सा दे रही है और रेवेन्यू लॉस पर कंपनसेशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
राज्य सरकार वित्तीय कुप्रबंधन से कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रही
भाजपा प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति बिगड़ चुकी है। राजस्व खर्च अधिक है और सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन के अभाव में कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं दे पा रही है।
गोपाल अग्रवाल ने बताया कि GST में हुए बदलाव उपभोक्ताओं और राज्यों के लिए लाभकारी हैं। केंद्र सरकार लगातार टैक्स दरें घटा रही है और इसका सीधा फायदा आम जनता को मिल रहा है।