नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि भारत में बेरोजगारी और “वोट चोरी” का सीधा संबंध है। उन्होंने दावा किया कि अब देश की सबसे बड़ी देशभक्ति यह होगी कि भारत को इन दोनों से मुक्त कराया जाए।
राहुल गांधी ने बिहार में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यात्रा कार्यक्रम से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए। उन्होंने कहा कि युवा अब समझ चुके हैं कि असली लड़ाई केवल नौकरियों की नहीं, बल्कि “वोट चोरी” के खिलाफ है। उनका कहना है कि जब तक चुनाव में धोखाधड़ी होती रहेगी, तब तक बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ते रहेंगे।
गांधी ने पोस्ट में लिखा, “भारत में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है – और इसका सीधा रिश्ता वोट चोरी से है। जब कोई सरकार जनता का विश्वास जीतकर सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्य युवाओं को रोजगार और अवसर प्रदान करना होना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव ईमानदारी से नहीं जीतती और सत्ता में बने रहने के लिए “वोट चोरी” और संस्थाओं को नियंत्रित करती है। उन्होंने कहा कि इसी कारण बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है, नौकरियां घट रही हैं, भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हैं और युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में धकेला जा रहा है।
राहुल गांधी ने आगे कहा, “देश का युवा मेहनत करता है, सपने देखता है और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करता है। लेकिन मोदी सरकार सिर्फ अपने पीआर और अरबपतियों के मुनाफे में व्यस्त है।”
उन्होंने दावा किया कि युवाओं की उम्मीदें तोड़ना और उन्हें हताश करना इस सरकार की पहचान बन चुकी है। गांधी ने कहा कि अब हालात बदल रहे हैं और भारत के युवा समझ चुके हैं कि असली लड़ाई केवल नौकरियों की नहीं, बल्कि “वोट चोरी” के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अब युवा न नौकरी की लूट सहेंगे, न वोट की चोरी। भारत को बेरोजगारी और वोट चोरी से मुक्त करना ही अब सबसे बड़ी देशभक्ति है।”