नई दिल्ली। तमिलनाडु के करूर में शनिवार को अभिनेता से नेता बने विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हुए। इस घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
टीवीके और बीजेपी की प्रतिक्रिया
रैली के बाद विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी। वहीं, बीजेपी ने भी इस घटना को लेकर डीएमके सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
कानूनी कार्रवाई और जांच
- करूर रैली में हुए हादसे के बाद टीवीके नेताओं मथियाझागन, बुस्सी आनंद और सीटी निर्मल कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत गैर इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालने वाले कार्य और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के मामले दर्ज किए गए।
- टीवीके ने मद्रास उच्च न्यायालय में इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि अचानक बिजली गुल होना और पथराव भगदड़ की वजह बने।
- राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे के विवरण
- मृतकों में 10 बच्चे, 17 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं।
- रैली के लिए निर्धारित 10,000 लोगों की सीमा से कहीं अधिक भीड़ जुटने के कारण भगदड़ हुई।
- पुलिस के अनुसार, विजय के आने के बाद भीड़ बेकाबू हो गई और युवाओं और उपस्थित लोगों को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।
- पुलिस ने कहा कि लाठीचार्ज या पत्थरबाजी जैसी कोई घटनाएं नहीं हुईं, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने आधिकारिक निर्देशों की अवहेलना की।
विजय की प्रतिक्रिया
विजय ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। सुरक्षा कारणों से सरकार ने उन्हें भगदड़ स्थल पर न जाने की चेतावनी दी। इस बीच, उनके घर को धमकी मिलने की खबर भी सामने आई, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई।