नई दिल्ली। मंगलवार सुबह जब अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी म्यांमार में आए भूकंप के झटकों ने भारत के कई पूर्वोत्तर राज्यों को भी हिला दिया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई।
भूकंप का केंद्र भारत-म्यांमार सीमा के पास था, मणिपुर के उखरुल जिले से केवल 27 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में। इसकी गहराई जमीन के अंदर 15 किलोमीटर दर्ज की गई, जिससे इसे सतह के करीब माना गया। इसका अक्षांश और देशांतर क्रमशः 24.73° उत्तर और 94.63° पूर्व बताया गया है।
हालांकि राहत की बात है कि अभी तक जान या संपत्ति के किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हैं और स्थिति का आंकलन कर रही हैं।
भूकंप की तीव्रता अधिक न होने के बावजूद मणिपुर, नागालैंड और असम सहित कई राज्यों में लोग इसे महसूस कर सके। सुबह-सुबह झटके महसूस होने से कुछ समय के लिए हलचल और चिंता का माहौल बन गया।
विशेष रूप से, यह घटना पिछले कुछ दिनों में हुए भूकंपों के क्रम में आई है। 27 सितंबर को बांग्लादेश में 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जो भारत के कोलकाता से मात्र 89 किलोमीटर दूर पूर्वोत्तर दिशा में था।
साथ ही, यह दिन ऐतिहासिक दृष्टि से भी यादगार है। 30 सितंबर 1993 को महाराष्ट्र के लातूर में विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोग मरे थे। इसी दिन राजस्थान के जोधपुर में मंदिर में भगदड़ में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं की जान गई थी।