नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए लोन संबंधी कई अहम बदलावों की घोषणा की है। इनमें से तीन नए नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे, जबकि चार अन्य पर अभी विचार जारी है।
EMI में मिली राहत
अब फ्लोटिंग रेट पर लिए गए लोन की EMI को बैंक तीन साल के लॉक-इन पीरियड से पहले भी घटा सकते हैं। साथ ही, फिक्स्ड रेट लोन धारकों को फ्लोटिंग रेट में स्विच करने का विकल्प भी मिलेगा। इससे उधारकर्ताओं को ब्याज दरों के अनुसार अधिक लचीलापन मिलेगा।
गोल्ड लोन हुआ सरल
अब गोल्ड लोन सिर्फ जौहरियों तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे कारोबारी, कारीगर और अन्य व्यवसायी भी गोल्ड को कच्चे माल के रूप में गिरवी रखकर बैंक से लोन ले सकेंगे। इसके अलावा, गोल्ड मेटल लोन (GML) की रीपेमेंट अवधि 180 दिन से बढ़ाकर 270 दिन करने का प्रस्ताव है। गैर-निर्माण ज्वेलरी विक्रेता भी GML का इस्तेमाल आउटसोर्सिंग के लिए कर सकेंगे।
बैंकों की पूंजी मजबूती
RBI ने बैंकों को ऑफशोर मार्केट से फंड जुटाने की अनुमति दी है। अब बैंक विदेशी मुद्रा या रुपये में बॉन्ड जारी करके आसानी से पूंजी जुटा पाएंगे। विदेशी बैंक शाखाओं के लिए बड़े लोन और इंटर-ग्रुप लेन-देन पर नए नियम लागू करने का प्रस्ताव भी है, जिससे वित्तीय जोखिम कम होगा।
सटीक क्रेडिट डेटा
अब बैंक और वित्तीय संस्थान साप्ताहिक आधार पर क्रेडिट ब्यूरो को डेटा भेजेंगे, जिससे क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों की संभावना कम होगी। साथ ही, रिपोर्ट में CKYC नंबर भी शामिल होगा, जिससे पहचान प्रक्रिया और आसान होगी।
इन बदलावों से आम ग्राहकों को EMI में राहत, छोटे कारोबारियों को लोन तक आसान पहुंच और बैंकों की कर्ज देने की क्षमता में मजबूती मिलने की उम्मीद है।