मानेसर। अरावली की हरी धरोहर को संरक्षित करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज मानेसर स्थित राम मंदिर परिसर में ‘राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह समारोह 2025’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने की।
नागरिकों से हर रविवार ग्रीन अरावली अभियान में जुड़ने की अपील
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुग्रामवासियों से आह्वान किया कि वे हर रविवार कम से कम एक घंटा ग्रीन अरावली अभियान को दें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की यह छोटी-सी पहल शहर को हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि हर नागरिक इस अभियान में भागीदारी निभाए तो गुरुग्राम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ, हरित और विकसित शहर के रूप में पहचाना जाएगा।
“अरावली हमारी धरोहर है” : राव नरबीर सिंह
हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि अरावली केवल पर्वतमाला ही नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली और जैव विविधता का आधार भी है। उन्होंने कहा कि वन्य जीव और पक्षी हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनकी सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी वर्षों तक देखभाल करना भी जरूरी है।
वृक्षारोपण और नर्सरी का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान ‘नमो वन’ में 750 पौधे लगाए गए और 500 एकड़ क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ हुआ। साथ ही मानेसर के शनि मंदिर परिसर में अरावली स्पीशीज नर्सरी का शिलान्यास किया गया, जो स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण और पुनःरोपण का केंद्र बनेगी।
पुस्तकों का विमोचन और सम्मान समारोह
इस अवसर पर पर्यावरण और जैव विविधता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया, जिनमें “हरियाणा की वन्यजीव धरोहर”, “हरियाणा के 75 सामान्य वृक्ष”, “हरियाणा की 75 तितलियाँ” और “जटायु की कहानी – भारत के गिद्धों को बचाने की पहल” जैसी कृतियां शामिल रहीं।
इसके अलावा वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों व विभागीय अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में विधायक तेजपाल तंवर, एडीजी संतोष तिवारी, एसीएस सुधीर राजपाल, मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. विवेक सक्सेना, पीसीसीएफ विनीत गर्ग सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।