क्वाडोर |राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ हिंसक हमले में बच गए, जब लगभग 500 विरोध प्रदर्शक उनके काफिले को घेरकर हमला कर बैठे। यह घटना उस समय हुई जब राष्ट्रपति बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा के लिए यात्रा पर थे।
हमले की घटना
रिपोर्टों के अनुसार हमलावरों ने पत्थर फेंके और गोलियाँ चलाई, जिससे राष्ट्रपति की कार के शीशे टूट गए। हालांकि नोबोआ इस हमले में सुरक्षित रहे। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो में देखा गया कि सड़कों के दोनों ओर भीड़ काफिले पर पत्थर फेंक रही थी।
सरकार का कड़ा रुख और गिरफ्तारी
रक्षा मंत्री जियान कार्लो लोफ्रडो ने स्पष्ट किया कि हमले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आतंकवाद और हत्या के प्रयास के आरोप लगाए जाएंगे। अधिकारीयों ने कहा कि राष्ट्रपति पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना गंभीर अपराध है। अशांति फैलने पर दस प्रांतों में आपातकाल की घोषणा की गई, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति बनी हुई है।
हिंसा का कारण
हिंसा का मुख्य कारण डीज़ल सब्सिडी समाप्त करने के सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन है। सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक खर्च में कटौती और ईंधन तस्करी रोकने के लिए आवश्यक है। राष्ट्रपति नोबोआ ने स्पष्ट किया कि हिंसा करने वालों को कानून का सामना करना पड़ेगा।
आदिवासी संगठन का विरोध
इक्वाडोर के प्रमुख आदिवासी संगठन CONAIE ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी थे और सरकार ने उनके खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया।
पिछले हमले का संदर्भ
यह पहला हमला नहीं है। सितंबर में इम्बाबुरा प्रांत में भी राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, तथा इतालवी राजनयिकों के काफिले पर हमले हुए थे, जिसमें पत्थर, पटाखे और मोलोटोव कॉकटेल का इस्तेमाल किया गया था। राष्ट्रपति नोबोआ ने कहा, “जो लोग हिंसा का रास्ता चुनते हैं, वे इक्वाडोर की प्रगति नहीं रोक सकते।”