गुरुग्राम | नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग (DTCP) के वरिष्ठ अधिकारी धर्मवीर खत्री के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) गुरुग्राम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि खत्री ने अपने और परिजनों के नाम पर वैध आय से अधिक मूल्य की संपत्तियां खरीदीं। फिलहाल यह अधिकारी सोनीपत में तैनात हैं।
गुरुग्राम एसीबी एसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है।
2020 में मिली थी शिकायत, जांच में उजागर हुई करोड़ों की संपत्ति
एसीबी के अनुसार, सितंबर 2020 में धर्मवीर खत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, जब वे मानेसर में जिला नगर योजनाकार (DTP) के रूप में कार्यरत थे। आरोप था कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आय से अधिक संपत्तियां खरीदी हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि धर्मवीर खत्री ने एचएसआईआईडीसी में डीटीपी, आईएमटी मानेसर के पद पर रहते हुए गुरुग्राम और पंचकूला में कई संपत्तियां खरीदीं। एसीबी ने अप्रैल 2001 से सितंबर 2020 तक की अवधि में उनकी आय और खर्च का रिकॉर्ड खंगाला।
डेढ़ सौ प्रतिशत से अधिक पाई गई अतिरिक्त संपत्ति
जांच में खुलासा हुआ कि वित्तीय वर्ष 2011–12 और 2012–13 के दौरान खत्री ने लाखों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदीं, जिनकी कीमत उनकी वैध आय से लगभग 150 प्रतिशत अधिक पाई गई।
इस अवधि में उन्होंने —
- सेक्टर-47, गुरुग्राम में 135 गज का मकान
- सेक्टर-56, हीवो सोसाइटी में 153 गज का मकान
- सेक्टर-27, पंचकूला में 214 गज का मकान खरीदा।
रिकॉर्ड के अनुसार, धर्मवीर खत्री ने 1995 में एचएसआईआईडीसी में जूनियर इंजीनियर के रूप में सेवा शुरू की थी और 2008 में एटीपी के पद पर पदोन्नत हुए थे।
एसीबी एसपी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।