चंडीगढ़| हरियाणा में इस बार दीपावली पर किसी भी क्षेत्र में बिजली गुल नहीं होगी। राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं और बिजली के तारों को छू रहे पेड़ों की छंटाई के लिए विशेष अभियान चलाने के आदेश जारी किए हैं, ताकि त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मंगलवार को ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में अनिल विज ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के अभियानों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर और कंडक्टरों को अपग्रेड किया जाए और मरम्मत टीमों में पर्याप्त स्टाफ के साथ सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि खराब ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने के लिए अलग से बैंक तैयार रखे जाएं, ताकि किसी भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
डिफाल्टरों से वसूले गए 922 करोड़ रुपये
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 16 अप्रैल से 30 सितंबर तक बिजली डिफाल्टर उपभोक्ताओं से 922 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने 492.57 करोड़ रुपये की रिकवरी की, जिसमें यमुनानगर में 117.05 करोड़, पानीपत में 73.93 करोड़, रोहतक में 57.12 करोड़, और अंबाला में 23.89 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने 489.65 करोड़ रुपये की वसूली की, जिसमें पलवल में 102.24 करोड़, हिसार में 97.36 करोड़, जींद में 55.35 करोड़, और फरीदाबाद में 42.49 करोड़ रुपये शामिल हैं।
बिजली चोरी और बकाया पर सख्त कार्रवाई के आदेश
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया कि बकाया राशि नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। जिन गांवों में शत-प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है, वहां के सरपंचों के साथ बैठक कर वसूली अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी इन अभियानों की नियमित निगरानी करें।
विज ने यह भी कहा कि आदतन बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं का डाटा तैयार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बैठक में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अशोक मीणा, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अशोक गर्ग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक जेगणेशन समेत सभी सर्कलों के अधीक्षक अभियंता, मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।