नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में एक नई तकनीक का अनावरण किया है, जो डिजिटल भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। इसे कहा गया है “ऑफलाइन डिजिटल रुपया”, जो बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अब डिजिटल भुगतान के लिए हमेशा ऑनलाइन रहने की जरूरत नहीं होगी। यूज़र बस किसी भी QR कोड को स्कैन या टैप करें और भुगतान तुरंत पूरा हो जाएगा। इसे आप कैश की तरह, लेकिन डिजिटल रूप में, अपने डिजिटल वॉलेट में स्टोर कर सकते हैं।
डिजिटल रुपया क्या है?
डिजिटल रुपया, जिसे e₹ भी कहा जाता है, RBI की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है। इसे भारत के रुपए का डिजिटल संस्करण माना जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि इसका उपयोग ऑनलाइन कनेक्टिविटी के बिना भी किया जा सकता है। इस प्रणाली में हर लेनदेन के लिए बैंक खाते से जुड़ने की आवश्यकता नहीं होगी।
यूज़र संबंधित ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर या ऐपल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद किसी भी व्यक्ति या व्यापारिक संस्थान को आसानी से पैसे भेजना संभव होगा।
ऑफलाइन डिजिटल रुपया से किसे मिलेगा सबसे अधिक फायदा?
यह तकनीक विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज़ इलाकों के लिए वरदान साबित होगी, जहाँ इंटरनेट कनेक्टिविटी या मोबाइल नेटवर्क की समस्याएँ आम हैं। ऑफलाइन डिजिटल रुपया NFC तकनीक पर आधारित है और टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग से बिना इंटरनेट के पेमेंट की सुविधा देगा। इससे डिजिटल भुगतान सुविधाजनक और सरल बन जाएगा।
कौन-कौन से बैंक शुरू करेंगे डिजिटल रुपया वॉलेट?
इस नई सुविधा को देश के प्रमुख बैंकों में धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। जिन बैंकों में डिजिटल रुपया वॉलेट उपलब्ध होंगे, उनमें शामिल हैं:
- एसबीआई
- आईसीआईसीआई बैंक
- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक
- यस बैंक
- एचडीएफसी बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- कोटक महिंद्रा बैंक
- केनरा बैंक
- एक्सिस बैंक
- इंडसइंड बैंक
- पंजाब नेशनल बैंक
- फेडरल बैंक
- इंडियन बैंक
इस नई पहल से डिजिटल भुगतान हर जगह और हर समय आसान और सुरक्षित हो जाएगा।