फरीदाबाद | हरियाणा की नायब सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम की तिकड़ी लंबे समय से सियासी चर्चाओं में बनी हुई है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मंत्री राजेश नागर ने मंच से कहा कि कुछ लोग उनकी दोस्ती को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
मंच से नागर का बयान
वीडियो में राजेश नागर कहते दिख रहे हैं, “कुछ लोगों ने बहुत कोशिश की है कि हमारी दोस्ती टूट जाए। विपुल गोयल मेरे बालसखा हैं। हमारी 45 साल पुरानी दोस्ती बिना किसी स्वार्थ के है। न तो मुझे पता था कि वह मंत्री बनेंगे, न उन्हें कि मैं मंत्री बनूंगा। बचपन की दोस्ती में लाभ और लालच नहीं होता।”
नागर ने आगे कहा, “आप समझ ही गए होंगे कि मैं क्या कहना चाह रहा था। युवा दिलों की धड़कन, मेरे साथी खेल मंत्री गौरव गौतम भी मेरे साथ हैं। हमारी दोस्ती देखकर कई लोगों को चुभन हुई।”
फरीदाबाद विकास के लिए विपुल गोयल की भूमिका
राजेश नागर ने फरीदाबाद के विकास में मंत्री विपुल गोयल की अहम भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के लिए जरूरी वित्तीय संसाधनों की पूरी व्यवस्था विपुल गोयल के पास है। उन्होंने कहा, “फरीदाबाद के विकास के लिए जितना पैसा चाहिए, उतना लिया जा सकता है।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि: गुर्जर-नागर विवाद
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और मंत्री राजेश नागर के बीच तिगांव सीट और राजनीतिक मतभेद लंबे समय से बने हुए हैं। गुर्जर चाहते थे कि उनकी जगह उनके बेटे को टिकट मिले, लेकिन राजेश नागर को लगातार टिकट मिलता रहा।
विपुल गोयल और राजेश नागर पहले से ही गुर्जर गुट से दूरी बनाए रखते हैं। वहीं, युवा मंत्री गौरव गौतम ने 2024 में पलवल सीट से चुनाव जीतने के बाद अपने करीबी मंत्री विपुल गोयल और राजेश नागर के साथ गठबंधन मजबूत किया।
कृष्णपाल गुर्जर के गुट के अन्य नेता
गुर्जर के राजनीतिक गुट में एनआईटी से विधायक सतीश फागना, बड़खल से विधायक धनेश अदलखा, बल्लभगढ़ से विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा, होडल से विधायक हरेन्द्र रामरतन शामिल हैं। ये सभी नेता नगर निगम चुनावों में भी गुर्जर के साथ मिलकर सक्रिय रहे हैं।