रोहतक | हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप लाठर (42) की आत्महत्या के मामले में उन्हें उकसाने के आरोप में आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार, उनकी आईएएस पत्नी अमनीत कुमार, विधायक साले अमित रतन और जेल में बंद गनमैन सुशील कुमार सहित चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR संदीप की पत्नी संतोष ने दर्ज कराई।
इससे पहले, संदीप के परिजनों ने बुधवार सुबह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। शाम करीब 4 बजे मुख्यमंत्री के OSD FIR की कॉपी लेकर परिजनों के पास पहुंचे। परिजन अब भी चाहते हैं कि संदीप को शहीद का दर्जा, पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को आर्थिक सहायता का लिखित आश्वासन दिया जाए।
पीड़ित और घटनाक्रम:
- एडीजीपी वाई पूरण कुमार का अंतिम संस्कार बुधवार को चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम के आठ दिन बाद किया गया। वाई पूरण कुमार ने 7 अक्टूबर को सेक्टर-11, चंडीगढ़ स्थित अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी।
- संदीप लाठर ने मंगलवार को रोहतक के साइबर सेल में खुदकुशी की।
- संदीप मूल रूप से जींद के जुलाना गांव के निवासी थे।
सुसाइड नोट और वीडियो:
- संदीप ने चार पेज का सुसाइड नोट और 6 मिनट 28 सेकंड का वीडियो छोड़ा।
- सुसाइड नोट में उन्होंने एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोप लगाए, जिसमें रोहतक रेंज में तबादलों और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को IG कार्यालय में तैनात कराने के मामले शामिल हैं।
- वीडियो में संदीप ने कहा:
“आज भगत सिंह जिंदा होते तो उन्हें शर्म आती कि हम किन लोगों के लिए लड़े। मैं भगत सिंह का फैन हूं। सक्षम हूं, जमींदार का बेटा हूं। ईमानदारी की लड़ाई में अपनी कुर्बानी देने जा रहा हूं। मुझे बहुत फख्र है। अलविदा दोस्तों, अगले जन्म में आएंगे तब भी ऐसी ही लड़ाई लड़ेंगे।”
मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, और FIR के बाद जांच की गति पर सभी की नजर बनी हुई है।