चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने इंडस्ट्री और निर्माण परियोजनाओं के लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) अनुमति की प्रक्रिया को अब पहले से कहीं ज्यादा सरल और पारदर्शी बना दिया है। यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और सरकारी प्रक्रियाओं में कागजी बोझ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य बदलाव और नई प्रक्रिया:
- अब आवेदकों को CLU अनुमति के लिए केवल तीन दस्तावेज जमा कराने होंगे:
- स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जिसमें साइट का विवरण, पहुंच मार्ग और भूमि की विशेषताओं का उल्लेख होगा
- इंडेम्निटी बॉन्ड, जो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और बोर्ड संकल्प/अनुमति पत्र से समर्थित होगा
- दस्तावेज़ निर्धारित CLU फॉर्मेट और नियत जांच शुल्क (सिक्योरिटी फीस) के साथ जमा करना होगा
- आवेदन प्रक्रिया अब तेज़, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे निवेशकों, रियल एस्टेट डेवलपर्स और उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिलेगी
सुविधाएँ और लाभ:
- पहले CLU अनुमति के लिए कई स्तरों पर दस्तावेज़ और सत्यापन की आवश्यकता होती थी, जिससे समय और मेहनत अधिक लगती थी
- नई व्यवस्था से व्यवसाय अनुकूल माहौल तैयार होगा और राज्य के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में सुधार होगा
अनुपालन और लागू होने की तिथि:
- नई प्रक्रिया 13 अक्टूबर से लागू हो गई है
- विभाग ने सभी वरिष्ठ और जिला नगर योजनाकारों को जानकारी भेज दी है
- सभी DTP कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई प्रक्रिया लागू करें और आवेदकों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएँ
- आदेश को विभागीय वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाएगा
विभाग के निदेशक अमित खत्री ने कहा कि यह कदम शासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत कागजी बोझ कम करके पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाई जा रही है, जिससे राज्य में उद्योग और निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।