Dharamshala, Rahul
भारत–चीन सीमा पर तैनात सैनिक अब नई भाषा कौशल के साथ तैयार होंगे।केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश (सीयू धर्मशाला) ने सेना के जवानों के लिए विशेष चीनी भाषा कोर्स शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) इस प्रस्ताव को पहले ही मंज़ूरी दे चुकी है, और अब इसे केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा गया है।उम्मीद है कि अगले शैक्षणिक सत्र से यह कोर्स शुरू हो जाएगा।
शुरुआती चरण में यह कोर्स छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स होगा, जिसे आगे एक वर्ष और दो वर्ष के डिप्लोमा कोर्स में विस्तारित किया जा सकेगा।केंद्रीय विश्वविद्यालय ने यह पहल इसलिए की है ताकि सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों को चीनी भाषा की समझ हो सके, जिससे सीमा पर संचार में सुविधा हो और गलतफहमी की गुंजाइश कम हो।विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रमों की शुरुआत पहले से योजना में थी और इसी क्रम में अब चीनी भाषा विभाग भी स्थापित किया जा रहा है।इसके तहत फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश और चीनी भाषा के लिए गेस्ट फैकल्टी नियुक्त की जाएगी।
देश के बॉर्डर एरिया में तैनात हमारे जवानों को चीनी भाषा का ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है।इससे न सिर्फ़ सुरक्षा मामलों में संचार बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी यह कोर्स उपयोगी साबित होगा।हमारा विश्वविद्यालय इस दिशा में देश का पहला संस्थान होगा जो सेना के जवानों के लिए यह कोर्स शुरू करेगा।