सिरसा। जिले में नकली और मिलावटी घी की बिक्री की बढ़ती शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आयुक्त के निर्देश पर विभाग ने सिरसा और डबवाली क्षेत्र में सघन जांच अभियान शुरू किया और दो दिनों में 15 से अधिक घी के सैंपल इकट्ठा किए।
ब्रांडेड और स्थानीय दोनों तक कार्रवाई
जांच के दौरान विभाग ने सरस, वीटा, अमूल, सिफ्टी, मदर डेयरी जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के डिब्बाबंद घी के नमूने लिए और उन्हें लैब में परीक्षण के लिए भेजा। कंपनियों को बैच अप्रूवल और अनुमोदन प्रक्रिया के लिए नोटिस भी जारी किए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. गौरव छाबड़ा ने कहा कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी उत्पादक या विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की कार्रवाई केवल स्थानीय ब्रांड तक सीमित नहीं है; केएफसी, मैकडोनाल्ड और अन्य प्रतिष्ठानों से भी सैंपल लिए गए हैं।
पिछले मामलों का हवाला
अगस्त में विभाग ने श्वेता ब्रांड घी के नमूने लिए थे, जिसमें भादरा बाजार स्थित श्रीराम ट्रेडिंग कंपनी के चार नमूनों में से दो फेल पाए गए थे। करनाल स्थित कंपनी ने उत्पाद होने से इंकार किया और फर्म के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था। अब विभाग सैंपल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद एडीसी कोर्ट में केस दर्ज किया जाएगा।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए जागरूकता अभियान
डा. गौरव छाबड़ा ने बताया कि नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। इसलिए आगामी दिनों में सैंपलिंग अभियान और तेज किया जाएगा। विशेष तौर पर स्ट्रीट वेंडर्स को जागरूक किया जाएगा और उन्हें विभागीय सर्टिफिकेशन और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।