Mandi, Dharamveer
मंडी जिले की ऊंची पर्वतमाला शिकारी देवी में माता के दर्शन के लिए गए नौ श्रद्धालु जंगल में रास्ता भटककर फंस गए। इनमें तीन छोटे बच्चे भी शामिल थे। प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रातभर चले रेस्क्यू अभियान के बाद सभी को सुरक्षित निकाल लिया है।
जानकारी के अनुसार, सुंदरनगर, बल्ह और बग्गी क्षेत्र के निवासी ये श्रद्धालु बीते दिन माता शिकारी देवी के दर्शन के बाद दोपहर में लौट रहे थे। मौसम अचानक बिगड़ने के कारण उन्होंने जंगल के रास्ते शॉर्टकट से नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन वे रास्ता भटक गए और एक नाले के पास फंस गए।जब काफी देर तक वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रात 11 बजे एसडीआरएफ की टीम जंजहैली के लिए रवाना हुई। रात 2 बजे रुहाड़ा क्षेत्र में पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया गया। मोबाइल बंद होने के कारण फंसे लोगों का पता लगाना कठिन हो गया था, लेकिन एसडीआरएफ के जवानों ने अपने अनुभव और स्थानीय मार्गदर्शन से खोज अभियान जारी रखा।
भारी बारिश और ठंड के बावजूद जवानों ने फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें खाना और पानी उपलब्ध कराया और सुबह करीब 6:30 बजे सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।मंडी की एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं। वहीं, एसडीएम थुनाग मनु वर्मा पूरी रात स्थल पर मौजूद रहीं और राहत कार्य की निगरानी करती रहीं। पुलिस, राजस्व विभाग, होम गार्ड, दमकल विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों ने समन्वय से इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।फंसे हुए श्रद्धालुओं में सुंदरनगर के कनैड निवासी राजेंद्र कुमार, उनकी पत्नी विद्या देवी, बेटा जगमोहन, बहू शिवानी, हरीश कुमार, रश्मि, अयारा, त्रिकुंज और आरती शामिल थे। ये सभी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।