हरियाणा | हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक श्रेणी में पहुंचता जा रहा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों की हवा गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुकी है। अंबाला का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 421 दर्ज किया गया, जो दिल्ली से भी ज्यादा खराब रहा। वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार यह स्तर गंभीर (सीवियर) श्रेणी में आता है।
राज्य में अंबाला, धारूहेड़ा, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़ और मानेसर जैसे शहर रेड जोन में पहुंच गए हैं, जबकि 16 शहरों की वायु गुणवत्ता येलो ज़ोन (मध्यम) में दर्ज की गई। राहत की बात यह रही कि नारनौल की वायु गुणवत्ता ग्रीन ज़ोन में रही। वहीं, फतेहाबाद का AQI रविवार सुबह 329 था, जो शाम तक हवाओं की दिशा बदलने के कारण येलो जोन में आ गया।
28-29 अक्टूबर को बढ़ सकती है प्रदूषण की समस्या
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 27 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। 28 और 29 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलवाही की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की रफ्तार कम हुई तो धूल और धुएं के कण वायुमंडल में जम सकते हैं, जिससे वायु प्रदूषण और बढ़ सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
लोगों की सेहत पर बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने से दमा, सांस की तकलीफ, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और हृदय व श्वास रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने इनहेलर और जरूरी दवाइयों का स्टॉक पहले से रखने की भी सलाह दी है।