नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘मोंथा’ तेजी से ताकत पकड़ रहा है और मौसम विभाग ने इसे 28 अक्टूबर की शाम या रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच समुद्री तट को पार कर सकता है।
कैसे बना चक्रवात मोंथा?
IMD के अनुसार दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव 26 अक्टूबर को चक्रवात में तब्दील हुआ। अगले 48 घंटों में यह गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। इसके असर से कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों की संभावना जताई गई है।
कहां पहुंचेगा तूफान – कितना होगा असर?
चक्रवात ओडिशा के मलकानगिरी से लगभग 200 किलोमीटर दूर और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट के पास लैंडफॉल कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 90 से 100 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तूफान का असर 15 जिलों में दिखने की संभावना है, जिनमें से 8 जिलों में भारी तबाही जैसी स्थिति बन सकती है।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर तक इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है:
| राज्य/क्षेत्र | बारिश की तिथि |
| रायलसीमा, तमिलनाडु, केरल और माहे | 27–28 अक्टूबर |
| तटीय कर्नाटक | 26–28 अक्टूबर |
| तटीय आंध्र प्रदेश और यनम | 26–30 अक्टूबर |
| तेलंगाना, ओडिशा | 27–30 अक्टूबर |
| छत्तीसगढ़ | 27–30 अक्टूबर |
किन क्षेत्रों को सतर्क रहने की जरूरत?
- आंध्र प्रदेश: काकीनाडा, विशाखापट्टनम, मछलीपट्टनम
- ओडिशा: गोपालपुर और आसपास के तटीय इलाके
- तमिलनाडु: सीधे प्रभाव की संभावना कम, लेकिन सतर्कता जरूरी
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह जारी
IMD ने राज्य सरकारों को बचाव दलों को अलर्ट पर रखने और तटीय इलाकों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की सलाह दी है।