नेपाल | हिमालयी देश नेपाल के पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्रों में ऊंचाई संबंधी स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण चार नेपाली नागरिकों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को इन घटनाओं की पुष्टि की। मृतकों में दो पर्वत गाइड (कुली) और दो ट्रेकर्स शामिल हैं।
गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, दिल बहादुर गुरुंग और सामगा घाले नामक दो नेपाली कुली गंडकी प्रदेश के मनांग जिले में पर्वतारोहियों का सामान ढोते समय ऊंचाई की बीमारी की चपेट में आ गए। तेज सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत के बाद दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
इसी क्षेत्र में पर्वतारोही राम बहादुर थापा मगर की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार वह ट्रेक से लौटने के बाद अपने होटल के कमरे में बेहोश पाए गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद उनकी मौत की पुष्टि की।
एक अन्य घटना में, कास्की जिले के अन्नपूर्णा बेस कैंप में ट्रेकिंग कर रहे नेपाली नागरिक सूरज मान श्रेष्ठ की भी ऊंचाई संबंधी बीमारी के कारण मौत हो गई। उन्हें शनिवार को होटल में अचेत अवस्था में पाया गया।
NDRRMA ने यह भी बताया कि कंचनजंगा क्षेत्र में ट्रेकिंग कर रहे 31 वर्षीय स्पेनिश नागरिक को भी हाई एल्टीट्यूड सिकनेस हो गई थी। उन्हें ताप्लेजुंग जिले के फक्तांगलुंग गांव से रेस्क्यू कर काठमांडू एयरलिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
इस समय अन्नपूर्णा और मस्तांग क्षेत्र हजारों घरेलू और विदेशी ट्रेकर्स से भरे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी के कारण ट्रेकिंग रूट पर जोखिम बढ़ जाता है। पर्वतारोहण एजेंसियों ने पर्यटकों और गाइडों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।